श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  2.7.88 
মহা-গডাগডি দিযা যে পাডে আছাড
সবে মনে ভাবে,—“কিবা চূর্ণ হৈল হাড”
महा-गडागडि दिया ये पाडे आछाड
सबे मने भावे,—“किबा चूर्ण हैल हाड”
 
 
अनुवाद
वह जमीन पर गिर पड़ा और इतनी जोर से लुढ़का कि सबने सोचा, “क्या उसकी हड्डियाँ टुकड़े-टुकड़े हो गयी हैं?”
 
He fell to the ground and rolled so hard that everyone wondered, “Are his bones broken to pieces?”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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