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श्लोक 2.7.56  |
শুনি’ বিদ্যানিধি বড সন্তোষ হৈলাপরম
গৌরবে সম্ভাষিবারে লাগিলা |
शुनि’ विद्यानिधि बड सन्तोष हैलापरम
गौरवे सम्भाषिबारे लागिला |
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| अनुवाद |
| यह सुनकर विद्यानिधि को बड़ी प्रसन्नता हुई और वह बड़े आदर के साथ उनसे बात करने लगा। |
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| Hearing this, Vidyanidhi was very happy and started talking to him with great respect. |
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