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श्लोक 2.7.35  |
ভক্ত-তত্ত্ব চৈতন্য-গোসাঞি মাত্র জানে
সেই ভক্ত জানে, যারে কহেন আপনে |
भक्त-तत्त्व चैतन्य-गोसाञि मात्र जाने
सेइ भक्त जाने, यारे कहेन आपने |
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| अनुवाद |
| केवल भगवान चैतन्य ही अपने भक्तों की महिमा जानते हैं। केवल वही, जिस पर उनकी कृपा हो, उन्हें जान सकता है। |
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| Only Lord Chaitanya knows the glories of His devotees. Only those who are blessed by Him can know them. |
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