श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 7: गदाधर और पुण्डरीक का मिलन  »  श्लोक 131
 
 
श्लोक  2.7.131 
’পুণ্ডরীক বাপ’ বলি কান্দেন ঈশ্বর
“বাপ দেখিলাম আজি নযন-গোচর”
’पुण्डरीक बाप’ बलि कान्देन ईश्वर
“बाप देखिलाम आजि नयन-गोचर”
 
 
अनुवाद
भगवान् रोते हुए बोले, "हे पिता पुण्डरीक! आज मैंने अपनी आँखों से अपने पिता को देखा है।"
 
The Lord said while crying, "O father Pundrik! Today I have seen my father with my own eyes."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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