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श्लोक 2.7.123  |
বিদ্যানিধি মহাশয অলক্ষিত-রূপে
রাত্রি করি’ আইলেন প্রভুর সমীপে |
विद्यानिधि महाशय अलक्षित-रूपे
रात्रि करि’ आइलेन प्रभुर समीपे |
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| अनुवाद |
| एक रात विद्यानिधि महाशय गुप्त रूप से भगवान के दर्शन करने आये। |
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| One night Vidyanidhi Mahashay came secretly to see the Lord. |
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