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श्लोक 2.7.106  |
এত ভাবি’ গদাধর মুকুন্দের স্থানে
দীক্ষা করিবার কথা কহিলেন তানে |
एत भावि’ गदाधर मुकुन्देर स्थाने
दीक्षा करिबार कथा कहिलेन ताने |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार विचार करने के बाद गदाधर ने मुकुंद से पुण्डरीक से दीक्षा लेने की इच्छा व्यक्त की। |
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| After thinking thus, Gadadhara expressed his desire to Mukunda to take initiation from Pundrik. |
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