श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  2.6.54 
ক্ষীর, দধি, সর, ননী, কর্পূর, তাম্বূল
লৈযা চলিলা যত সব অনুকূল
क्षीर, दधि, सर, ननी, कर्पूर, ताम्बूल
लैया चलिला यत सब अनुकूल
 
 
अनुवाद
वह भगवान की कुछ पसंदीदा चीजें भी ले गई, जैसे गाढ़ा दूध, दही, मलाई, मक्खन, कपूर और सुपारी।
 
She also took some of the Lord's favourite things, such as condensed milk, curd, cream, butter, camphor and betel nut.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)