श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  2.6.38 
ক্ষণেকে পাইযা বাহ্য করযে হুঙ্কার
’আনিলুঙ্, আনিলুঙ্ বলে ’প্রভু আপনার’
क्षणेके पाइया बाह्य करये हुङ्कार
’आनिलुङ्, आनिलुङ् बले ’प्रभु आपनार’
 
 
अनुवाद
थोड़ी देर बाद उन्हें होश आया और वे ज़ोर से दहाड़े, "मैं अपने प्रभु को ले आया हूँ! मैं अपने प्रभु को ले आया हूँ!"
 
After a while he regained consciousness and shouted loudly, "I have brought my Lord! I have brought my Lord!"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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