श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 6: अद्वैत आचार्य से भगवान की मिलन  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  2.6.28 
পুনঃ বলে,—“কহ কহ রামাই পণ্ডিত
কি কারণে তোমার গমন আচম্বিত?”
पुनः बले,—“कह कह रामाइ पण्डित
कि कारणे तोमार गमन आचम्बित?”
 
 
अनुवाद
उन्होंने आगे कहा, "हे रामाय पंडित, मुझे बताइए, आपके अचानक आने का क्या कारण है?"
 
He further said, "O Ramay Pandit, tell me, what is the reason for your sudden arrival?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)