vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन
»
श्लोक 94
श्लोक
2.5.94
ষড্-ভুজ দেখি’ মূর্ছা পাইলা নিতাই
পডিলা পৃথিবী-তলে—ধাতু-মাত্র নাই
षड्-भुज देखि’ मूर्छा पाइला निताइ
पडिला पृथिवी-तले—धातु-मात्र नाइ
अनुवाद
जैसे ही निताई ने छह भुजाओं वाले रूप को देखा, वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसमें जीवन के कोई लक्षण नहीं रहे।
As soon as Nitai saw the six-armed form, he fell unconscious on the ground and there were no signs of life left in him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×