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श्लोक 2.5.71  |
রামাইর মুখে শুনি’ আইলাঠাকুর
বাহ্য নাহি, নিত্যানন্দ হাসেন প্রচুর |
रामाइर मुखे शुनि’ आइलाठाकुर
बाह्य नाहि, नित्यानन्द हासेन प्रचुर |
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| अनुवाद |
| रमाई द्वारा सूचित किये जाने पर भगवान वहाँ आये और नित्यानंद को खूब हँसते हुए पाया। |
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| Being informed by Ramai, the Lord came there and found Nityananda laughing heartily. |
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