नित्यानंद से हल और गदा स्वीकार करने के बाद, भगवान अभिभूत हो गए और उन्होंने वारुणी को बुलाया। सभी अवाक और भ्रमित होकर एक-दूसरे की ओर देखने लगे।
After accepting the plow and mace from Nityananda, the Lord was overwhelmed and called Varuni. Everyone looked at each other, speechless and confused.
तात्पर्य
बालदेव का हल और मूसल नित्यनंद से प्राप्त कर गौरचंद्र ने ऊँचे स्वर से मद्य की याचना करते हुए बार-बार "वारुणी, वारुणी" कह कर पुकारा। आसपास बैठे दर्शकों को समझ नहीं आ रहा था कि वारुणी के लिए प्रभु क्या माँग रहे हैं। साथ ही भक्तगण समझ नहीं पा रहे थे कि श्री गौरचंद्र नित्यानंद से मद्य की याचना क्यों कर रहे हैं। इसलिए वे हैरान रह गए और एक-दूसरे को देखने लगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥