vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन
»
श्लोक 27
श्लोक
2.5.27
স্বানুভাবানন্দে নাচে প্রভু দুই-জন
ক্ষণে কোলাকুলি করি’ করযে ক্রন্দন
स्वानुभावानन्दे नाचे प्रभु दुइ-जन
क्षणे कोलाकुलि करि’ करये क्रन्दन
अनुवाद
जब दोनों भगवान अपने-अपने आनंद में नाच रहे थे, तो कभी एक-दूसरे को गले लगाकर रो रहे थे।
While both the gods were dancing in their own joy, sometimes they were crying while hugging each other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×