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श्लोक 2.5.170  |
এ সব কৌতুক যত শ্রীবাসের ঘরে
এতেকে শ্রীবাস-ভাগ্য কে বলিতে পারে |
ए सब कौतुक यत श्रीवासेर घरे
एतेके श्रीवास-भाग्य के बलिते पारे |
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| अनुवाद |
| ये सभी अद्भुत लीलाएँ श्रीवास के घर पर घटित हुईं। अतः श्रीवास के सौभाग्य का वर्णन कौन कर सकता है? |
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| All these wonderful pastimes occurred in the home of Srivasa. So who can describe Srivasa's good fortune? |
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