श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 5: नित्यानंद की व्यास-पूजा समारोह और उनका भगवान के षड्भुज रूप का दर्शन  »  श्लोक 163
 
 
श्लोक  2.5.163 
পরম আনন্দে মত্ত ভাগবত-গণ
’হা কৃষ্ণ’ বলিযা সবে করেন ক্রন্দন
परम आनन्दे मत्त भागवत-गण
’हा कृष्ण’ बलिया सबे करेन क्रन्दन
 
 
अनुवाद
सभी महान भक्तजन आनंद से मदमस्त हो गए और “हे कृष्ण” कहते हुए रोने लगे।
 
All the great devotees became intoxicated with joy and started crying saying, “O Krishna”.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)