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श्लोक 2.5.159  |
বিশ্বম্ভর-নিত্যানন্দ দেখেন যখনে
’দুই জন মোর পুত্র’ হেন বাসে মনে |
विश्वम्भर-नित्यानन्द देखेन यखने
’दुइ जन मोर पुत्र’ हेन वासे मने |
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| अनुवाद |
| जब भी माता शची विश्वम्भर और नित्यानंद को देखतीं, तो सोचतीं, “ये दोनों मेरे पुत्र हैं।” |
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| Whenever Mother Shachi saw Vishvambhar and Nityananda, she would think, “These two are my sons.” |
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