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श्लोक 2.5.123  |
সর্ব-শক্তি-সমন্বিত ’শেষ’-ভগবান্
তথাপি স্বভাব-ধর্ম, সেবা সে তাহান |
सर्व-शक्ति-समन्वित ’शेष’-भगवान्
तथापि स्वभाव-धर्म, सेवा से ताहान |
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| अनुवाद |
| भगवान शेष सभी शक्तियों से संपन्न हैं, फिर भी भगवान की सेवा करना उनका स्वाभाविक गुण है। |
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| The Lord is endowed with all other powers, yet serving the Lord is His natural quality. |
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