फिर भी, श्री अनन्तदेव का स्वाभाविक गुण भगवान की प्रेममयी सेवा में निरन्तर अनुरक्त रहना है।
Nevertheless, Sri Anantadeva's natural quality is to remain constantly engaged in the loving service of the Lord.
तात्पर्य
यद्यपि भौतिक दृष्टिकोण से अनन्त भगवान के अधीनस्थ होने की विशेषता प्रकट करते हैं, लेकिन वे हमेशा दास के भाव में सेवा के वस्तु के रूप में स्थित रहते हैं। उनकी संवैधानिक स्थिति अपने पूजनीय भगवान की पूजा छोड़ने से कभी भी विकृत नहीं होती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥