रघुनाथ-प्रभु येन पिण्ड-दान कैला
प्रत्यक्ष हैया ताहा दशरथ लैला
अनुवाद
जब भगवान रामचन्द्र ने अपने पिता दशरथ को भोग लगाया तो उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया।
When Lord Ramachandra offered the food to his father Dasharatha, he accepted it.
तात्पर्य
जब श्री राम चन्द्र ने लीला के अन्त में अपने पिता दशरथ को तर्पण दिया, तो उनके पिता स्वयम् आकर उनका तर्पण ग्रहण कर गए। इसी प्रकार जब श्री नित्यानन्द प्रभु ने श्री गौरसुन्दर को पुष्पांजलि अर्पण की थी तब उन्होंने प्रभु को अपने छह भुजाओं वाले रूप में देखा था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥