श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  2.4.64 
এই-মত হরিষে সকল-ভক্ত-গণ
নিত্যানন্দ-দরশনে করেন কথন
एइ-मत हरिषे सकल-भक्त-गण
नित्यानन्द-दरशने करेन कथन
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सभी भक्तों ने भगवान् के नित्यानंद से मिलन की चर्चा प्रसन्नतापूर्वक की।
 
Thus all the devotees happily discussed the meeting of the Lord with Nityananda.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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