श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 4: नित्यानंद की महिमा का प्रकटन  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  2.4.62 
কেহ বলে,—“দুই সখা যেন কৃষ্ণার্জুন
সেই-মত দেখিলাম স্নেহ-পরিপূর্ণ”
केह बले,—“दुइ सखा येन कृष्णार्जुन
सेइ-मत देखिलाम स्नेह-परिपूर्ण”
 
 
अनुवाद
किसी ने कहा, "वे दो मित्रों कृष्ण और अर्जुन के समान हैं, क्योंकि वे अत्यंत स्नेह से भरे हुए हैं।"
 
Someone said, “They are like the two friends Krishna and Arjuna, because they are filled with immense affection.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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