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श्लोक 2.4.27  |
বাহ্য পাইলেন নিত্যানন্দ কত-ক্ষণে
হরি-ধ্বনি জয-ধ্বনি করে সর্ব-গণে |
बाह्य पाइलेन नित्यानन्द कत-क्षणे
हरि-ध्वनि जय-ध्वनि करे सर्व-गणे |
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| अनुवाद |
| कुछ समय पश्चात् नित्यानंद को पुनः चेतना आ गई और सभी भक्तों ने हरि नाम का जप किया। |
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| After some time, Nityananda regained consciousness and all the devotees chanted the name of Hari. |
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