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श्लोक 2.3.94  |
আইলা সন্ন্যাসি-স্থানে নিত্যানন্দ-পিতান্যাসীরে
দিলেন পুত্র, নোইযা মাথা |
आइला सन्न्यासि-स्थाने नित्यानन्द-पितान्यासीरे
दिलेन पुत्र, नोइया माथा |
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| अनुवाद |
| तब नित्यानंद के पिता सिर झुकाए संन्यासी के समक्ष आये और अपने पुत्र को संन्यासी को सौंप दिया। |
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| Then Nityananda's father came before the monk with his head bowed and handed over his son to him. |
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