श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 164
 
 
श्लोक  2.3.164 
সকল নদীযা তিন-প্রহর চাহিযা আইলা
প্রভুর স্থানে কাহোঙ্ না দেখিযা
सकल नदीया तिन-प्रहर चाहिया आइला
प्रभुर स्थाने काहोङ् ना देखिया
 
 
अनुवाद
उन्होंने पूरे नादिया में नौ घंटे तक खोजबीन की, लेकिन कोई नहीं मिला और फिर वे प्रभु के पास लौट आए।
 
They searched all over Nadia for nine hours but found no one and then they returned to Prabhu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)