महाप्रभु ने कहा, "उस व्यक्तित्व के वचन सुनकर मेरी खुशी बढ़ गई जिसे मैंने अपने सपने में देखा था। उसे देखते ही मुझे लगा जैसे कि 'मैं वही हूँ'।"