श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 3: भगवान का मुरारी के घर में वराह रूप में प्रतिष्ठान और नित्यानंद से मिलन  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  2.3.122 
নিত্যানন্দ জানিলেন প্রভুর প্রকাশ
যে অবধি লাগি’ করে বৃন্দাবনে বাস
नित्यानन्द जानिलेन प्रभुर प्रकाश
ये अवधि लागि’ करे वृन्दावने वास
 
 
अनुवाद
नित्यानंद समझ गए कि भगवान स्वयं प्रकट हो गए हैं। वे वृंदावन में इसी क्षण की प्रतीक्षा कर रहे थे।
 
Nityananda understood that the Lord Himself had appeared. He had been waiting for this moment in Vrindavan.
तात्पर्य
भगवान नित्यानंद महानिधि महाप्रभु के प्रकट होने के लिए प्रतीक्षा करते हुए वृंदावन में निवास करते थे।

'य ए अवधि lagi' वाक्यांश का अर्थ है उस शुभ क्षण की प्रतीक्षा"।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)