श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 94
 
 
श्लोक  2.28.94 
ভূমিতে পডিযা কান্দে নগরিযা-গণ
“আর না দেখিব তাঙ্র সে চন্দ্র-বদন”
भूमिते पडिया कान्दे नगरिया-गण
“आर ना देखिब ताङ्र से चन्द्र-वदन”
 
 
अनुवाद
शहर के लोग रोये और ज़मीन पर लोटने लगे, विलाप करते हुए, “हम उसका चाँद जैसा चेहरा फिर कभी नहीं देख पाएंगे!”
 
The people of the city wept and rolled on the ground, lamenting, “We will never see her moon-like face again!”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)