vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
»
श्लोक 94
श्लोक
2.28.94
ভূমিতে পডিযা কান্দে নগরিযা-গণ
“আর না দেখিব তাঙ্র সে চন্দ্র-বদন”
भूमिते पडिया कान्दे नगरिया-गण
“आर ना देखिब ताङ्र से चन्द्र-वदन”
अनुवाद
शहर के लोग रोये और ज़मीन पर लोटने लगे, विलाप करते हुए, “हम उसका चाँद जैसा चेहरा फिर कभी नहीं देख पाएंगे!”
The people of the city wept and rolled on the ground, lamenting, “We will never see her moon-like face again!”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×