श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.28.6 
সর্ব বেদে ভাবেন যে প্রভুরে দেখিতে
ক্রীডা করে ভক্ত-গণ সে-প্রভু-সহিতে
सर्व वेदे भावेन ये प्रभुरे देखिते
क्रीडा करे भक्त-गण से-प्रभु-सहिते
 
 
अनुवाद
भक्तों ने परम प्रभु के साथ लीलाओं का आनन्द लिया, जिन्हें देखने की वेदों में इच्छा व्यक्त की गई है।
 
The devotees enjoyed the pastimes with the Supreme Lord, which the Vedas desire to see.
तात्पर्य
साक्षात् रूप से परमेश्वर के बंदे, परमेश्वर के साथ लीलाओं का भोग करते हैं, जबकि साक्षात वेद अपने जीवन के लक्ष्य, परमेश्वर के स्वरूप पर ध्यान करते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)