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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला
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श्लोक 35
श्लोक
2.28.35
নিজ-মনে জানে প্রভু “কালি চলিবাঙ
এই লাউ ভোজন করিতে নারিলাঙ
निज-मने जाने प्रभु “कालि चलिबाङ
एइ लाउ भोजन करिते नारिलाङ
अनुवाद
हालाँकि, भगवान ने सोचा, "कल मैं चला जाऊँगा, इसलिए मैं यह नहीं खा पाऊँगा।"
However, God thought, “Tomorrow I will be gone, so I won’t be able to eat this.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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