পূর্ণ হৈল শ্রী-বিগ্রহ চন্দন-মালায
চন্দ্রে বা কতেক শোভা কহনে না যায
पूर्ण हैल श्री-विग्रह चन्दन-मालाय
चन्द्रे वा कतेक शोभा कहने ना याय
अनुवाद
चंदन और पुष्प मालाओं से सुशोभित भगवान के सुन्दर शरीर की तुलना पूर्णिमा के तुच्छ सौंदर्य से नहीं की जा सकती।
The beautiful body of the Lord, adorned with sandalwood paste and flower garlands, cannot be compared to the insignificant beauty of the full moon.
तात्पर्य
श्री गौरासुंदर के कृष्ण रूप को जब भक्तों द्वारा चंदन और फूलों की मालाओं से सजाया गया, तब उनकी परम सुंदरता पूर्ण रूप से प्रकट हुई। श्री गौरचंद्र के शरीर पर उन साजों से जो अपूर्व सौंदर्य प्रकट हुआ, उसकी तुलना चमकते हुए पूर्ण चंद्र से भी नहीं की जा सकती।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥