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श्लोक 2.28.22  |
হেন আকর্ষণ প্রভু করিলা আপনি
কেবা কোন্ দিগ হৈতে আইসে নাহি জানি |
हेन आकर्षण प्रभु करिला आपनि
केबा कोन् दिग हैते आइसे नाहि जानि |
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| अनुवाद |
| प्रभु ने इतने सारे लोगों को आकर्षित किया कि कोई नहीं जानता था कि वे सब कहाँ से आये थे। |
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| The Lord attracted so many people that no one knew where they all came from. |
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