श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  2.28.188 
মধ্য-খণ্ডে ঈশ্বরের সন্ন্যাস-গ্রহণ
ইহার শ্রবণে মিলে কৃষ্ণ-প্রেম-ধন
मध्य-खण्डे ईश्वरेर सन्न्यास-ग्रहण
इहार श्रवणे मिले कृष्ण-प्रेम-धन
 
 
अनुवाद
इस मध्यखण्ड में भगवान द्वारा संन्यास ग्रहण करने की लीला सुनने से मनुष्य को कृष्ण-प्रेम की प्राप्ति होगी।
 
By listening to the story of Lord Krishna taking up Sanyas in this middle section, a person will attain love for Krishna.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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