श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 184
 
 
श्लोक  2.28.184 
তাঙ্হার আজ্ঞায আমি কৃপা-অনুরূপে
কিছু-মাত্র সূত্র আমি লিখিল পুস্তকে
ताङ्हार आज्ञाय आमि कृपा-अनुरूपे
किछु-मात्र सूत्र आमि लिखिल पुस्तके
 
 
अनुवाद
उनकी दयालु आज्ञा से मैंने इस पुस्तक में केवल संक्षिप्त वर्णन लिखा है।
 
With his kind permission, I have written only a brief description in this book.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)