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श्लोक 2.28.182  |
সর্ব-কাল চৈতন্য সকল লীলা করে
যাঙ্হারে যখন কৃপা, দেখাযেন তাঙ্রে |
सर्व-काल चैतन्य सकल लीला करे
याङ्हारे यखन कृपा, देखायेन ताङ्रे |
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| अनुवाद |
| भगवान श्री चैतन्य नित्य अपनी लीलाएँ करते रहते हैं, जिन्हें वे लोग देखते हैं जिन पर उनकी कृपा होती है। |
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| Lord Sri Chaitanya is always performing His pastimes, which are seen by those who are blessed by Him. |
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