श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 179
 
 
श्लोक  2.28.179 
ভারতীরে সর্ব ভক্ত করিলা প্রণাম
প্রভু ও হৈলা তুষ্ট লভিঽ নিজ নাম
भारतीरे सर्व भक्त करिला प्रणाम
प्रभु ओ हैला तुष्ट लभिऽ निज नाम
 
 
अनुवाद
तब भक्तों ने केशव भारती को नमस्कार किया और भगवान को भी अपना नाम पाकर संतोष हुआ।
 
Then the devotees saluted Keshav Bharti and God also felt satisfied after getting his name.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)