श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 28: भगवान का संन्यास ग्रहण लीला  »  श्लोक 133
 
 
श्लोक  2.28.133 
“বিধি-যোগ্য যত কর্ম সব করঽ তুমি
তোমারেই প্রতিনিধি করিলাঙ আমি”
“विधि-योग्य यत कर्म सब करऽ तुमि
तोमारेइ प्रतिनिधि करिलाङ आमि”
 
 
अनुवाद
“आप सभी वैदिक अनुष्ठानों के निष्पादन में योग्य हैं, इसलिए मैं आपको अपना प्रतिनिधि नियुक्त करता हूँ।”
 
“You are capable of performing all Vedic rituals, so I appoint you as my representative.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)