श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 27: भगवान का वियोग भाव को शांत करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.27.21 
বসিযা আছেন প্রভু কমল-লোচন
কহিতে লাগিলাশচী করিযা ক্রন্দন
वसिया आछेन प्रभु कमल-लोचन
कहिते लागिलाशची करिया क्रन्दन
 
 
अनुवाद
एक दिन जब कमल-नेत्र भगवान घर पर बैठे थे, तब माता शची ने आंखों में आंसू भरकर उनसे बात करना प्रारंभ किया।
 
One day, when the lotus-eyed Lord was sitting at home, Mother Shachi began to talk to Him with tears in her eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)