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श्लोक 2.26.57  |
শুক্লাম্বর-ভাগ্য বলিবারে শক্তি কার
গৌরচন্দ্র অন্ন-পরিগ্রহ কৈলা যার |
शुक्लाम्बर-भाग्य बलिबारे शक्ति कार
गौरचन्द्र अन्न-परिग्रह कैला यार |
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| अनुवाद |
| शुक्लम्बर के सौभाग्य का वर्णन करने की शक्ति किसमें है, जिनके चावल गौरचन्द्र ने खाये थे? |
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| Who has the power to describe the good fortune of Shuklamber, whose rice Gaurchandra ate? |
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