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श्लोक 2.26.147  |
যে-রূপে করিবা প্রভু জগত-উদ্ধার
তুমি সে জানযে তাহা কে জানযে আর |
ये-रूपे करिबा प्रभु जगत-उद्धार
तुमि से जानये ताहा के जानये आर |
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| अनुवाद |
| “केवल आप ही जानते हैं कि आप संसार के लोगों को कैसे मुक्ति दिलाएंगे। |
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| “Only you know how you will redeem the people of the world. |
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