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श्लोक 2.25.90  |
এই-মত বস্ত্র-পরিবর্ত করে মাত্র
প্রেমে বিষ্ণু পূজিতে না পারে তিল মাত্র |
एइ-मत वस्त्र-परिवर्त करे मात्र
प्रेमे विष्णु पूजिते ना पारे तिल मात्र |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार वे केवल अपने वस्त्र बदलते रहते थे और प्रेमोन्मत्त होने के कारण वे विष्णु की पूजा करने में असमर्थ थे। |
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| Thus he simply kept changing his clothes and being intoxicated with love he was unable to worship Vishnu. |
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