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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 25: श्रीवास के मृत पुत्र के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवचन
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श्लोक 81
श्लोक
2.25.81
এ সব নিগূঢ কথ যে করে শ্রবণ
অবশ্য মিলিব তারে কৃষ্ণ-প্রেম-ধন
ए सब निगूढ कथ ये करे श्रवण
अवश्य मिलिब तारे कृष्ण-प्रेम-धन
अनुवाद
जो मनुष्य इन गोपनीय विषयों को सुनता है, उसे निश्चय ही कृष्ण के प्रति परमानंद प्रेम की सम्पत्ति प्राप्त होती है।
One who listens to these confidential matters certainly attains the wealth of ecstatic love for Krishna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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