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श्लोक 2.25.73  |
কৃষ্ণ-প্রেমে চতুর্দিগে উঠিল ক্রন্দন
কৃষ্ণ-প্রেম-ময হৈল শ্রীবাস-ভবন |
कृष्ण-प्रेमे चतुर्दिगे उठिल क्रन्दन
कृष्ण-प्रेम-मय हैल श्रीवास-भवन |
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| अनुवाद |
| कृष्ण के प्रति आनंदित प्रेम में रोने की ध्वनि चारों दिशाओं में गूंज उठी, तथा श्रीवास का पूरा घर कृष्ण के प्रेम से भर गया। |
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| The sound of crying in ecstatic love for Krishna echoed in all directions, and the entire house of Srivasa was filled with love for Krishna. |
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