श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 25: श्रीवास के मृत पुत्र के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवचन  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  2.25.70 
“জন্ম জন্ম তুমি পিতা, মাতা, পুত্র, প্রভু
তোমার চরণ যেন না পাসরি কভু
“जन्म जन्म तुमि पिता, माता, पुत्र, प्रभु
तोमार चरण येन ना पासरि कभु
 
 
अनुवाद
"जन्म-जन्मान्तर तक आप ही हमारे पिता, माता, पुत्र और स्वामी रहे हैं। हम आपके चरणकमलों को कभी न भूलें।"
 
"You have been our father, mother, son and master in every birth. May we never forget your lotus feet."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)