श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 25: श्रीवास के मृत पुत्र के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रवचन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.25.39 
শ্রীনিবাস পণ্ডিতের এমন মহিমা
চৈতন্যের পার্ষদের এই গুণ-সীমা
श्रीनिवास पण्डितेर एमन महिमा
चैतन्येर पार्षदेर एइ गुण-सीमा
 
 
अनुवाद
ऐसी महिमा श्रीवास पंडित की है, जो भगवान चैतन्य के पार्षदों में सबसे योग्य थे।
 
Such is the glory of Srivasa Pandita, who was the most worthy among the associates of Lord Chaitanya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)