श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  2.24.99 
ঈশ্বরে সে ঈশ্বরের কলহের পাত্র
কে বুঝিবে বিষ্ণু-বৈষ্ণবের লীলা মাত্র
ईश्वरे से ईश्वरेर कलहेर पात्र
के बुझिबे विष्णु-वैष्णवेर लीला मात्र
 
 
अनुवाद
केवल परमेश्र्वर ही परमेश्र्वर से झगड़ा करने में समर्थ हैं। विष्णु और वैष्णवों की लीलाओं को कौन समझ सकता है?
 
Only the Supreme Lord is capable of quarreling with the Supreme Lord. Who can understand the pastimes of Vishnu and the Vaishnavas?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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