श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  2.24.87 
আমি মারিলে ও কিছু বলিতে না পার
আমাঽ—সনে তুমি অকারণে গর্ব কর”
आमि मारिले ओ किछु बलिते ना पार
आमाऽ—सने तुमि अकारणे गर्व कर”
 
 
अनुवाद
“यदि मैं तुम्हें पीट भी दूँ, तो भी तुम कुछ नहीं कह सकते, फिर भी तुम बिना किसी कारण के मेरे सामने अपना अभिमान प्रदर्शित करते हो।”
 
“Even if I beat you, you can’t say anything, yet you still show your pride in front of me for no reason.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)