श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  2.24.81 
দুযার ভাঙ্গিযা আসিঽ সাম্ভাইলি কেনে?
ঽসন্ন্যাসীঽ করিযা তোরে বলে কোন্ জনে?
दुयार भाङ्गिया आसिऽ साम्भाइलि केने?
ऽसन्न्यासीऽ करिया तोरे बले कोन् जने?
 
 
अनुवाद
"आप दरवाज़ा तोड़कर अंदर क्यों आए? कौन कहता है कि आप संन्यासी हैं?"
 
"Why did you break the door and come in? Who says you are a sanyasi?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)