श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  2.24.80 
অদ্বৈত বলযে,—“অবধূত মাতালিযা!
এথা কোন্ জন তোকে আনিল ডাকিযা
अद्वैत बलये,—“अवधूत मातालिया!
एथा कोन् जन तोके आनिल डाकिया
 
 
अनुवाद
अद्वैत ने कहा, "हे मदोन्मत्त अवधूत! तुम्हें यहाँ किसने बुलाया?"
 
Advaita said, "O intoxicated Avdhoot! Who called you here?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)