श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  2.24.65 
হুঙ্কার গর্জন করে শ্রী-শচী-নন্দন
ঽদেখ দেখঽ করিঽ প্রভু ডাকে ঘন ঘন
हुङ्कार गर्जन करे श्री-शची-नन्दन
ऽदेख देखऽ करिऽ प्रभु डाके घन घन
 
 
अनुवाद
शचीपुत्र जोर से दहाड़कर बार-बार चिल्लाया, “देखो! देखो!”
 
Sachiputra roared loudly and shouted again and again, "Look! Look!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)