| श्री चैतन्य भागवत » खण्ड 2: मध्य-खण्ड » अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श » श्लोक 49 |
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| | | | श्लोक 2.24.49  | রথের উপরে দেখে শ্যামল-সুন্দর
চতুর্ভুজ শঙ্খ-চক্র-গদা-পদ্ম-ধর | रथेर उपरे देखे श्यामल-सुन्दर
चतुर्भुज शङ्ख-चक्र-गदा-पद्म-धर | | | | | | अनुवाद | | उन्होंने रथ पर एक सुन्दर श्यामवर्णी पुरुष को देखा, जिसके चार हाथ थे, तथा वे शंख, चक्र, गदा और कमल धारण किये हुए थे। | | | | He saw on the chariot a beautiful dark-complexioned man with four hands, holding a conch, a discus, a mace and a lotus. | | ✨ ai-generated | | |
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